मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका परियोजना के प्रथम चरण में संचालित गतिविधियों के प्रभाव के आकलन नई दिल्ली स्थित स्वतंत्र ऐजेंसी संबोधित रिसर्च एवं कम्प्यूनिकेशन प्रा. लि. द्वारा किया गया । प्रमुख बिन्दु निम्नानुसार हैं -
- परियोजना के जिलों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों की संख्या में कमी (51: से घटकर 31:)। कुल 24,000 परिवार गरीबी रेखा से उपर आये ।
- परियोजना ग्रामों के लगभग 80 प्रतिशत परिवारों की कृषि संबंधी तथा 67 प्रतिशत परिवारों की गैर-कृषि संबंधी सूचना एवं सेवाओं तक पहुंच बनी।
- परियोजना की विभिन्न गतिविधियों द्वारा लगभग 62 प्रतिशत सीमांत कृषकों की कृषि उत्पादकता में वृध्दि।
- पलायन करने वाले परिवारों की संख्या में कमी (47प्रतिशत से घटकर 22 प्रतिशत)
- साहूकारों से कर्ज पर निर्भरता में लगभग 40 प्रतिशत कमी। परियोजना ग्रामों में 60 प्रतिशत एवं अन्य समरूप ग्रामों में 34 प्रतिशत परिवारों की संस्थागत ऋण पर निर्भरता।
- परियोजना ग्रामों के 37 प्रतिशत परिवारों की आय में 30-50 प्रतिशत की वृध्दि जबकि गैर परियोजना ग्रामों में 17 प्रतिशत परिवारों की आय में यह वृध्दि दर्ज की गई।
- परिवारों की खाद्य सुरक्षा में आत्म निर्भरता (55 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत)
- परियोजना द्वारा 29.2 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
- लगभग 12 प्रतिशत परिवारों ने पारंपरिक कौषल आधारित व्यवसाय में वृध्दि ।
- कृषि से जुड़े कुल परिवारों में से 75 प्रतिशत परिवारों की कृषि उत्पादकता में 30 प्रतिशत तक वृध्दि दर्ज की गई।
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